यह SMS मुझे किसने भेजा?

भेजने वाले को ठीक वैसे ही लिखें जैसे आपका फ़ोन दिखाता है: नाम, शॉर्ट नंबर या पूरा फ़ोन नंबर। जांच आपके ब्राउज़र में होती है।

स्क्रीन पर दिखा नाम या नंबर कुछ साबित नहीं करता

स्कैमर किसी SMS में किसी ब्रांड का नाम या किसी और का नंबर दिखा सकते हैं (स्पूफ़िंग), और नकली मैसेज असली मैसेज वाली बातचीत में ही आ सकता है। नकली मैसेज की पहचान इससे होती है कि उसका लिंक कहां ले जाता है।

यह किन देशों को कवर करता है

किसी भी देश के भेजने वालों के लिए काम करता है। नामों की तुलना NoCall के SMS नियमों के ब्रांड से की जाती है, जिनमें वे ब्रांड शामिल हैं जिनका रूप स्कैमर उन देशों में धरते हैं जहां NoCall सेवा देता है।

जांच आपके ब्राउज़र में होती है: आप जो भेजने वाला लिखते हैं, वह न कहीं भेजा जाता है और न सेव किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कोई स्कैमर किसी बैंक के नाम से SMS भेज सकता है?

हां। भेजने वाले का नाम मैसेज भेजने वाला खुद चुनता है, इसलिए वह नकली हो सकता है (स्पूफ़िंग)। इसीलिए मैसेज का लिंक नाम से ज़्यादा मायने रखता है।

नकली मैसेज असली मैसेज वाली बातचीत में ही क्यों दिखा?

फ़ोन मैसेज को भेजने वाले के नाम के हिसाब से एक साथ रखते हैं। अगर स्कैमर वही नाम इस्तेमाल करता है, तो नकली मैसेज उसी बातचीत में आ जाता है, जिससे वह ज़्यादा भरोसेमंद लगता है।

क्या सामान्य मोबाइल नंबर से आया मैसेज हमेशा स्कैम होता है?

नहीं, लेकिन जो मैसेज किसी कंपनी या सरकारी संस्था की ओर से होने का दावा करता है और सामान्य नंबर से आता है, उस पर ख़ास सावधानी ज़रूरी है। NoCall में नंबर खोजें और जांचने के लिए कभी भी लिंक का इस्तेमाल न करें।