स्पैम कॉल और SMS की शिकायत कैसे करें: भारत में रिपोर्ट करने की पूरी गाइड
TRAI का DND सेवा 1909, Sanchar Saathi पोर्टल और साइबर सेल की मदद से स्पैम कॉल और धोखाधड़ी वाले मैसेज की शिकायत करने का आसान तरीका।
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दिन भर में कितने कॉल आते हैं जिनमें कोई बोलता ही नहीं, या कोई ज़िद्दी आवाज़ आपको बीमा, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड बेचने की कोशिश करती रहती है? या फिर वे मैसेज जिनमें लॉटरी जीतने या KYC खत्म होने की बात लिखी होती है? अच्छी खबर यह है कि भारत में इनकी शिकायत करने के ठोस रास्ते मौजूद हैं, और जब लोग शिकायत करते हैं, तो सच में असर होता है। इस गाइड में हम कदम-दर-कदम समझेंगे कि कौन सी शिकायत कहाँ करनी चाहिए।
पहले समझें: शिकायत करने से क्या होता है
बहुत से लोग सोचते हैं कि शिकायत करने से कुछ नहीं होता, इसलिए ब्लॉक करके आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि भारत में टेलीकॉम नियमों के तहत हर प्रमोशनल कॉल और मैसेज का हिसाब रखा जाता है। जब आप शिकायत करते हैं, तो:
- दोषी टेलीकॉम ऑपरेटर या टेलीमार्केटर पर जुर्माना और रोक लगाई जा सकती है।
- बार-बार उल्लंघन करने वाले नंबर या हेडर ब्लॉक किए जा सकते हैं।
- धोखाधड़ी वाले नंबर अन्य लोगों से पहले पकड़े जा पाते हैं, जिससे और लोग बच जाते हैं।
यानी आपकी एक शिकायत सिर्फ आपके लिए नहीं, हज़ारों अन्य उपभोक्ताओं के लिए काम आ सकती है।
TRAI की DND सेवा: 1909 पर शिकायत
टेलीकॉम नियामक TRAI की ओर से DND (Do Not Disturb) रजिस्ट्री चलती है। अपना नंबर DND पर दर्ज कराने से कंपनियाँ आपको प्रमोशनल कॉल और मैसेज नहीं भेज सकतीं। यह सेवा मुफ्त है और अपने ऑपरेटर के ज़रिए, SMS से या TRAI के ऑफिशियल वेबसाइट से एक्टिवेट की जा सकती है।
अगर DND चालू होने के बाद भी स्पैम आए, तो शिकायत के दो आसान तरीके हैं:
- 1909 पर SMS भेजें: शिकायत करने के लिए निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी देकर 1909 पर मैसेज करें। इसमें स्पैम नंबर, तारीख, समय और मिले हेडर की जानकारी शामिल करनी होती है।
- 1909 पर कॉल करें या ऑपरेटर के ऐप से शिकायत दर्ज करें। ज्यादातर बड़े ऑपरेटरों के ऐप में स्पैम रिपोर्ट करने का विकल्प बना होता है।
शिकायत दर्ज होने के बाद ऑपरेटर को नियत समय में कार्रवाई करनी होती है, और गंभीर मामलों में टेलीमार्केटर पर जुर्माना होता है।
Sanchar Saathi: सरकार का डिजिटल सुरक्षा पोर्टल
संचार मंत्रालय का Sanchar Saathi पोर्टल उपभोक्ताओं के लिए कई उपयोगी सुविधाएँ देता है। इसके ज़रिए आप अपने नाम पर दर्ज सिम कनेक्शन देख सकते हैं, और फ्रॉड या स्पैम कॉल की शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। अगर कोई आपके नाम पर गलत तरीके से सिम चला रहा हो, तो वहाँ से उसे ब्लॉक करने की माँग भी की जा सकती है।
Sanchar Saathi की सबसे काम की बात यह है कि यह सीधे टेलीकॉम विभाग से जुड़ा होता है, इसलिए धोखाधड़ी वाले कनेक्शन जल्दी पकड़े जाते हैं। पोर्टल का इस्तेमाल मुफ्त है और वेबसाइट के अलावा इसका ऐप भी उपलब्ध है।
साइबर धोखाधड़ी वाली शिकायतें: cybercrime.gov.in और 1930
अगर स्पैम कॉल या मैसेज साधारण परेशानी से आगे जाकर धोखाधड़ी है — जैसे OTP माँगना, बैंक खाता ब्लॉक होने का झांसा, या डिजिटल अरेस्ट का डर — तो शिकायत का रास्ता अलग है:
- 1930: राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन। धोखाधड़ी होते ही तुरंत कॉल करें, खासकर अगर पैसा कट चुका हो — समय रहते शिकायत करने पर पैसा रोका जा सकता है।
- cybercrime.gov.in: राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, जहाँ ऑनलाइन विस्तृत शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- 112: आपात स्थिति में सबसे पहले इमरजेंसी नंबर पर संपर्क करें।
याद रखें: साधारण विज्ञापन वाली कॉल के लिए 1909 सही है, और धोखाधड़ी के लिए 1930 या साइबर पोर्टल।
ऑपरेटर के अपने चैनल
Airtel, Jio, Vi और BSNL जैसे ऑपरेटरों के अपने रिपोर्टिंग चैनल भी होते हैं। ऐप या वेबसाइट से स्पैम नंबर की शिकायत करें, या कस्टमर केयर पर संपर्क करें। ऑपरेटर इन शिकायतों को आपस में साझा करते हैं, इसलिए एक ऑपरेटर पर दर्ज शिकायत का असर दूसरे नेटवर्क पर भी पड़ सकता है।
SMS के मामले में एक और बात जानना फायदेमंद है: हर व्यावसायिक मैसेज के शुरू में एक हेडर होता है, जैसे किसी कंपनी का नाम या कोड। शिकायत करते समय यही हेडर सबसे अहम सबूत होता है, इसलिए मैसेज डिलीट करने से पहले उसे देख लें।
रिपोर्ट करते समय क्या याद रखें
शिकायत जितनी जानकारी से भरी होगी, कार्रवाई उतनी आसान होगी:
- स्पैम नंबर पूरा लिखें, देश कोड समेत अगर विदेशी नंबर हो।
- कॉल या मैसेज की सही तारीख और समय दर्ज करें।
- क्या कहा गया था, उसकी छोटी सी टिप्पणी करें — जैसे "पर्सनल लोन की पेशकश" या "KYC अपडेट का दावा"।
- स्क्रीनशॉट ले लें, खासकर SMS और WhatsApp मैसेज के लिए।
स्कैम करने वाले अक्सर एक ही पैटर्न हज़ारों लोगों पर आज़माते हैं। जब शिकायतें एक साथ आती हैं, तो पैटर्न पकड़ना आसान हो जाता है।
शिकायत के साथ-साथ खुद की रक्षा
रिपोर्ट करना लंबी अवधि का इलाज है, लेकिन रोज़ की परेशानी से बचने के लिए कुछ आदतें तुरंत काम करती हैं: DND एक्टिवेट रखें, अनजान नंबरों का जवाब न दें, किसी को OTP या PIN कभी न बताएं, और संदिग्ध मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक न करें। अनजान नंबरों को स्क्रीन करने में NoCall जैसा ऐप भी मदद कर सकता है, जो कॉल आने से पहले ही संदिग्ध नंबर दिखा देता है।
सबसे ज़रूरी बात: शिकायत करना कोई फालतू काम नहीं, बल्कि उपभोक्ता की ताकत है। हर रिपोर्ट से सिस्टम थोड़ा और सुरक्षित बनता है — आपके लिए और अगले उपयोगकर्ता के लिए भी। अगली बार जब कोई स्पैम कॉल आए, तो सिर्फ कट करें नहीं — रिपोर्ट भी करें।
स्रोत और समीक्षा
समीक्षा की गई:
नंबरिंग, दूरसंचार कंपनियों के उपकरण और शिकायत की प्रक्रियाएँ बदल सकती हैं। संवेदनशील कदमों की पुष्टि दिए गए लिंक पर आधिकारिक प्राधिकरण से करें।
लेख विवरण
संदिग्ध कॉल और संदेशों को पहचानने के लिए व्यावहारिक संदर्भ के साथ NoCall द्वारा समीक्षित संपादकीय सामग्री।
कोई संदिग्ध कॉल आई?
डेटा साझा करने, वापस कॉल करने या किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले NoCall में नंबर खोजें।
किसी फ़ोन नंबर या कंपनी के नाम (SBI, Jio और Airtel...) को खोजें यह जाँचने के लिए कि क्या उसे स्पैम के रूप में रिपोर्ट किया गया है।

